मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना क्या है?
मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना का उद्देश्य किसानों को अपनी निजी सिंचाई सुविधा विकसित करने के लिए आर्थिक सहायता देना है, ताकि वे सिंचाई के लिए केवल मानसून या नहरों पर निर्भर न रहें। इस योजना का संचालन लघु सिंचाई विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा किया जाता है।
योजना के अंतर्गत उथले, मध्यम गहरे और गहरे नलकूपों के निर्माण के लिए सहायता दी जाती है। इसके अतिरिक्त पात्र किसानों को पंपसेट और सिंचाई पाइप पर भी अनुदान मिल सकता है। विभाग की निःशुल्क बोरिंग योजना वर्ष 1985 से छोटे और सीमांत किसानों को सहायता देने के लिए संचालित बताई गई है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| संबंधित विभाग | लघु सिंचाई विभाग, उत्तर प्रदेश |
| लाभार्थी | पात्र किसान |
| प्रमुख लाभ | बोरिंग, नलकूप, पंपसेट और पाइप पर अनुदान |
| आवेदन का माध्यम | ऑनलाइन |
| आधिकारिक पोर्टल | miuponline.in |
| प्रतिबंधित क्षेत्र | अतिदोहित और क्रिटिकल विकास खंड, योजना के लागू नियमों के अनुसार |
मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना में कितनी सब्सिडी मिलती है?
इस योजना के अंतर्गत मिलने वाला अनुदान नलकूप के प्रकार, उसकी गहराई और किसान की श्रेणी पर निर्भर करता है। उथले नलकूप के लिए बोरिंग और पंपसेट पर मिलने वाले अधिकतम अनुदान का विवरण नीचे दिया गया है।
1. उथले नलकूप पर मिलने वाला अनुदान
उथले नलकूप की गहराई 30 मीटर तक मानी गई है। इस श्रेणी में पात्र किसानों को निम्नलिखित अधिकतम सहायता मिल सकती है।
| किसान की श्रेणी | बोरिंग पर अधिकतम अनुदान | पंपसेट पर अधिकतम अनुदान |
|---|---|---|
| सामान्य लघु किसान | ₹5,000 | ₹4,500 |
| सामान्य सीमांत किसान | ₹7,000 | ₹6,000 |
| अनुसूचित जाति/जनजाति के किसान | ₹10,000 | ₹9,000 |
सामान्य श्रेणी के किसानों के लिए पंपसेट लगाना अनिवार्य नहीं बताया गया है। हालांकि, निर्धारित शर्तों के अनुसार आईएसआई (ISI) मार्क वाला पंपसेट खरीदकर लगाने पर अतिरिक्त अनुदान मिल सकता है।
इसके अलावा, चयनित लाभार्थियों को 90 या 110 मिलीमीटर का एचडीपीई (HDPE) पाइप, 30 से 60 मीटर तक लगाने पर लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम ₹3,000 तक अनुदान दिया जा सकता है।
2. मध्यम गहरे नलकूप पर सब्सिडी
मध्यम गहरे नलकूप के लिए 31 से 60 मीटर तक की गहराई निर्धारित है। इस श्रेणी में अनुदान का विवरण निम्नलिखित है।
- निर्माण पर अनुदान: लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम ₹75,000।
- विद्युतीकरण: अलग से अधिकतम ₹68,000।
- जल वितरण प्रणाली: अधिकतम ₹10,000 तक।
- सिंचाई क्षेत्र: कम से कम 6 हेक्टेयर शुद्ध या 10 हेक्टेयर सकल सिंचाई क्षेत्र की शर्त बताई गई है।
3. गहरे नलकूप पर सब्सिडी
60 मीटर से अधिक गहराई वाले नलकूप के लिए पात्र किसानों को निम्नलिखित सहायता मिल सकती है।
- निर्माण पर अनुदान: लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम ₹1,00,000।
- विद्युतीकरण: अलग से अधिकतम ₹68,000।
- सिंचाई क्षेत्र: कम से कम 20 हेक्टेयर क्षेत्र की सिंचाई की शर्त बताई गई है।
- अन्य शर्त: आसपास 500 मीटर के दायरे में छिछली बोरिंग नहीं होनी चाहिए, जैसा कि संबंधित दिशानिर्देशों में निर्धारित है।
मध्यम गहरे और गहरे नलकूप की योजनाओं में सभी श्रेणियों के किसान पात्र हो सकते हैं, बशर्ते वे संबंधित शर्तों को पूरा करते हों। नलकूप की लागत में ड्रिलिंग, पाइप, पंप हाउस और सबमर्सिबल पंप जैसे खर्च शामिल हो सकते हैं। निर्धारित अनुदान से अधिक खर्च किसान को स्वयं उठाना होता है।
योजना के अन्य घटक और विशेष लाभ
डॉ. राममनोहर लोहिया सामुदायिक नलकूप योजना
यह योजना किसानों के समूहों के लिए है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, अनुसूचित जाति/जनजाति बहुल समूहों को लागत का 100 प्रतिशत या अधिकतम ₹5 लाख तक सहायता मिल सकती है। सामान्य लघु और सीमांत किसानों के बहुल समूहों को लागत का 75 प्रतिशत या अधिकतम ₹3.92 लाख तक अनुदान दिया जा सकता है।
पठारी क्षेत्रों में बोरिंग पर सहायता
झांसी, महोबा, ललितपुर और चित्रकूट जैसे पठारी क्षेत्रों में इनवेल रिग से बोरिंग कराने पर वास्तविक लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम ₹7,500 तक अनुदान मिलने का प्रावधान बताया गया है।
बुंदेलखंड और विंध्याचल क्षेत्र में सहायता
बुंदेलखंड और विंध्याचल के निर्धारित जिलों में प्राकृतिक सतही जल स्रोतों से सिंचाई के लिए पंपसेट पर सहायता मिल सकती है। अनुदान की राशि किसान की श्रेणी के अनुसार ₹4,500, ₹6,000 या ₹9,000 तक हो सकती है।
मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के लिए पात्रता
योजना का लाभ लेने के लिए किसान को संबंधित पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा। प्रमुख शर्तें इस प्रकार हैं:
- आवेदक उत्तर प्रदेश का निवासी किसान होना चाहिए।
- संबंधित कृषि भूमि आवेदक के नाम खतौनी में दर्ज होनी चाहिए।
- उथले नलकूप के लिए सामान्य श्रेणी के किसानों की जोत कम से कम 0.2 हेक्टेयर होने की शर्त बताई गई है।
- अनुसूचित जाति/जनजाति के किसानों के लिए न्यूनतम जोत की शर्त लागू नहीं होने का प्रावधान बताया गया है।
- किसान का प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना या पारदर्शी किसान सेवा पोर्टल पर पंजीकरण संबंधित दिशानिर्देशों के अनुसार आवश्यक हो सकता है।
- खेत ऐसे अतिदोहित या क्रिटिकल विकास खंड में नहीं होना चाहिए, जहां संबंधित योजना लागू नहीं है।
ध्यान दें: पात्रता योजना के घटक और क्षेत्र के अनुसार अलग हो सकती है। आवेदन से पहले आधिकारिक पोर्टल या अपने जिले के लघु सिंचाई कार्यालय से नवीनतम नियमों की पुष्टि करें।
यदि आपका पीएम किसान सम्मान निधि योजना में ई-केवाईसी पूरा नहीं हुआ है, तो पहले उसकी स्थिति जांच लें और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करें।
यूपी फ्री बोरिंग योजना के लिए जरूरी दस्तावेज
ऑनलाइन आवेदन करते समय निम्नलिखित दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है:
- आधार कार्ड।
- आधार से जुड़ा या सक्रिय मोबाइल नंबर।
- नवीनतम खतौनी की प्रति।
- पासपोर्ट आकार की फोटो।
- स्कैन किए हुए हस्ताक्षर।
- पीएम किसान या पारदर्शी किसान सेवा पोर्टल की पंजीकरण संख्या।
- बैंक खाते की जानकारी और पासबुक की प्रति।
- दिशानिर्देशों के अनुसार ₹100 के स्टांप पर तैयार शपथपत्र की स्कैन कॉपी।
दस्तावेजों की सूची समय-समय पर बदल सकती है। इसलिए आवेदन भरते समय आधिकारिक पोर्टल पर मांगे गए दस्तावेजों की सूची को ही अंतिम मानें।
मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना में ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
योजना के लिए आवेदन करने से पहले सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें। इसके बाद निम्नलिखित चरणों का पालन करें:
- आधिकारिक पोर्टल खोलें: सबसे पहले miuponline.in पर जाएं।
- पंजीकरण करें: आवेदन अनुभाग में जाकर मोबाइल नंबर और मांगी गई बुनियादी जानकारी के माध्यम से पंजीकरण करें।
- लॉगिन करें: आवेदक लॉगिन विकल्प से पोर्टल में प्रवेश करें।
- योजना का चयन करें: अपनी जरूरत और पात्रता के अनुसार उथले नलकूप, मध्यम गहरे नलकूप, गहरे नलकूप या पंपसेट से संबंधित विकल्प चुनें।
- आवेदन फॉर्म भरें: भूमि, बैंक खाते और अन्य आवश्यक विवरण सावधानीपूर्वक दर्ज करें।
- दस्तावेज अपलोड करें: पोर्टल पर मांगे गए दस्तावेजों को निर्धारित प्रारूप में अपलोड करें।
- आवेदन जमा करें: सभी विवरणों की जांच करने के बाद फॉर्म जमा करें और उपलब्ध होने पर आवेदन संख्या सुरक्षित रखें।
- सत्यापन का इंतजार करें: विभागीय अधिकारी स्थल का निरीक्षण कर सकते हैं और आवश्यकतानुसार जियो-टैगिंग कर सकते हैं।
- आवेदन की स्थिति देखें: पोर्टल पर लॉगिन करके अपने आवेदन की स्थिति जांचें।
बोरिंग असफल होने पर क्या होगा?
उपलब्ध योजना विवरण के अनुसार, यदि मध्यम गहरे या गहरे नलकूप की बोरिंग असफल हो जाती है, तो बोरिंग पर हुए खर्च का 10 प्रतिशत या अधिकतम ₹1,000 किसान की जमा राशि से काटा जा सकता है। शेष राशि किसान को वापस की जाती है।
हालांकि, यह नियम संबंधित योजना और लागू दिशानिर्देशों के अधीन है। इसलिए बोरिंग शुरू कराने से पहले विभाग से जमा राशि, कटौती और वापसी की शर्तों की पुष्टि अवश्य करें।
आवेदन करने से पहले किसान इन बातों का ध्यान रखें
- आवेदन करने से पहले आधिकारिक पोर्टल पर वर्तमान दिशा-निर्देश और आवेदन की उपलब्धता जांचें।
- किसी अनधिकृत व्यक्ति या बिचौलिए को पैसे देने से बचें।
- आवेदन केवल आधिकारिक पोर्टल या संबंधित विभागीय कार्यालय के माध्यम से करें।
- अनुदान की राशि और शर्तें नलकूप की गहराई, किसान की श्रेणी और क्षेत्र के अनुसार अलग हो सकती हैं।
- आवेदन से पहले अपने जिले के लघु सिंचाई कार्यालय से पात्रता और अनुदान की पुष्टि कर लें।
- यदि पंपसेट खरीदने के लिए ऋण की जरूरत है, तो किसान क्रेडिट कार्ड योजना की शर्तों की जानकारी भी प्राप्त करें।
मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के महत्वपूर्ण लिंक
| विवरण | लिंक |
|---|---|
| ऑनलाइन आवेदन और स्थिति जांच | आधिकारिक पोर्टल खोलें |
| लघु सिंचाई विभाग, उत्तर प्रदेश | विभागीय पोर्टल देखें |
| योजना के दिशानिर्देश | उपलब्ध आधिकारिक दिशानिर्देश पोर्टल पर जांचें। |
मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना किस राज्य की योजना है?
यह उत्तर प्रदेश सरकार की योजना है, जिसका संचालन लघु सिंचाई विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा किया जाता है।
2. उथले नलकूप पर कितना अनुदान मिलता है?
उपलब्ध विवरण के अनुसार, बोरिंग पर सामान्य लघु किसान को ₹5,000, सामान्य सीमांत किसान को ₹7,000 और अनुसूचित जाति/जनजाति के किसान को ₹10,000 तक अनुदान मिल सकता है। पंपसेट पर क्रमशः ₹4,500, ₹6,000 और ₹9,000 तक सहायता मिल सकती है।
3. गहरे नलकूप पर अधिकतम कितनी सब्सिडी मिलती है?
गहरे नलकूप के निर्माण पर लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम ₹1,00,000 तक अनुदान मिलने का प्रावधान बताया गया है। विद्युतीकरण के लिए अलग से अधिकतम ₹68,000 की सहायता भी निर्धारित शर्तों के अधीन मिल सकती है।
4. मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के लिए आवेदन कहां करें?
आवेदन के लिए miuponline.in पोर्टल पर जाएं। पोर्टल पर उपलब्ध सुविधा के अनुसार आवेदन की स्थिति भी देखी जा सकती है।
5. क्या पीएम किसान में पंजीकरण जरूरी है?
दिए गए योजना विवरण के अनुसार, पीएम किसान सम्मान निधि योजना या पारदर्शी किसान सेवा पोर्टल पर पंजीकरण आवश्यक बताया गया है। आवेदन करने से पहले वर्तमान दिशानिर्देशों में इसकी पुष्टि करें।
6. क्या सभी किसानों को बोरिंग पर समान अनुदान मिलता है?
नहीं। अनुदान की राशि किसान की श्रेणी, नलकूप की गहराई, योजना के घटक और संबंधित क्षेत्र की शर्तों पर निर्भर करती है।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना उत्तर प्रदेश के पात्र किसानों को निजी सिंचाई सुविधा विकसित करने में आर्थिक सहायता दे सकती है। इसके अंतर्गत बोरिंग, नलकूप, पंपसेट और सिंचाई पाइप पर निर्धारित नियमों के अनुसार अनुदान मिल सकता है। यदि आपके खेत में सिंचाई का साधन नहीं है, तो सबसे पहले अपने क्षेत्र की पात्रता, विकास खंड की स्थिति और अनुदान की शर्तों की जांच करें। इसके बाद आवश्यक दस्तावेज तैयार करके आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करें।
Disclaimer: इस लेख में दी गई अनुदान राशि, पात्रता और नियम उपलब्ध कराए गए विवरण पर आधारित हैं। योजना के नियम या आवेदन की स्थिति बदल सकती है। आवेदन करने से पहले उत्तर प्रदेश के लघु सिंचाई विभाग के आधिकारिक पोर्टल या संबंधित कार्यालय से नवीनतम जानकारी की पुष्टि अवश्य करें।









